गर्मियों के मौसम में तेज धूप और लू (Heat Wave) के कारण शरीर में पानी और आवश्यक लवणों (इलेक्ट्रोलाइट्स) की भारी कमी हो जाती है। इसे डिहाइड्रेशन कहते हैं। यदि समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह 'हीट स्ट्रोक' का रूप ले सकता है, जो जानलेवा भी हो सकता है।
लू लगने के प्रमुख लक्षण
- बहुत तेज सिरदर्द और चक्कर आना
- त्वचा का बहुत गर्म और सूखा हो जाना (पसीना बंद हो जाना)
- अत्यधिक प्यास लगना और मुंह सूखना
- मांसपेशियों में ऐंठन (Cramps) और कमजोरी
- जी मिचलाना या उल्टी होना
- पेशाब का रंग गहरा पीला होना या पेशाब कम आना
लू से बचने के घरेलू उपाय
1. खाली पेट धूप में न निकलें
घर से बाहर निकलने से पहले भरपूर पानी पिएं और कुछ खाकर ही निकलें। खाली पेट रहने पर लू का असर बहुत जल्दी होता है।
2. सिर और कान ढककर रखें
धूप में निकलते समय हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। सिर को गमछे, टोपी या छाते से ढकें और आंखों पर धूप का चश्मा लगाएं।
3. प्राकृतिक पेय पदार्थों का सेवन करें
- आम का पना: कच्चे आम का पना लू से बचाने में सबसे असरदार पारंपरिक उपाय है।
- सत्तू का शरबत: जौ या चने का सत्तू पेट को ठंडा रखता है और तुरंत ऊर्जा देता है।
- छाछ और नारियल पानी: ये प्राकृतिक रूप से इलेक्ट्रोलाइट्स की भरपाई करते हैं।
ओआरएस (ORS) घोल का सही इस्तेमाल कैसे करें?
यदि डिहाइड्रेशन या लू के लक्षण महसूस हों:
- W.H.O. प्रमाणित ORS पैकेट का उपयोग करें।
- 1 लीटर साफ पीने के पानी में पूरा 1 पैकेट ORS अच्छी तरह घोलें।
- इस घोल को थोड़ा-थोड़ा करके दिनभर में पिएं।
- ध्यान दें: बने हुए ORS घोल को 24 घंटे के अंदर ही इस्तेमाल करें। 24 घंटे बाद बचा हुआ घोल फेंक दें और नया घोल बनाएं।
🚨 आपातकालीन स्थिति में क्या करें?
यदि किसी व्यक्ति को तेज लू लग जाए और वह बेहोश या अत्यधिक सुस्त हो जाए:
- तुरंत मरीज को ठंडी, छायादार जगह या पंखे के नीचे ले जाएं।
- उसके कपड़े ढीले करें और पूरे शरीर पर सामान्य पानी की पट्टियां रखें।
- यदि मरीज होश में हो, तो उसे घूंट-घूंट करके पानी या ORS पिलाएं।
- तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर से संपर्क करें।
