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एंटीबायोटिक दवाओं का सही इस्तेमाल: ये 5 गलतियां कभी न करें

एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस क्यों खतरनाक है? दवा का कोर्स बीच में क्यों नहीं छोड़ना चाहिए और साधारण सर्दी-जुकाम में एंटीबायोटिक क्यों नहीं लेनी चाहिए।

Hari Krishna Pharmacy Team
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एंटीबायोटिक दवाएं आधुनिक चिकित्सा की सबसे बड़ी खोजों में से एक हैं। इन्होंने लाखों लोगों की जान बचाई है। लेकिन आज इनका अंधाधुंध और गलत इस्तेमाल एक गंभीर वैश्विक संकट "एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस" (Antibiotic Resistance) का रूप ले रहा है।

जब बैक्टीरिया दवाओं के आदी हो जाते हैं, तो भविष्य में वही दवाएं काम करना बंद कर देती हैं।


5 सबसे आम गलतियां जो लोग करते हैं:

1. सर्दी, जुकाम या फ्लू में एंटीबायोटिक खाना

  • सच्चाई: साधारण जुकाम, बहती नाक और मौसमी फ्लू वायरस से होते हैं।
  • एंटीबायोटिक केवल बैक्टीरियल संक्रमण पर काम करती हैं, वायरस पर इनका कोई असर नहीं होता। अनावश्यक एंटीबायोटिक लेने से पेट के अच्छे बैक्टीरिया भी मर जाते हैं।

2. थोड़ा ठीक लगते ही दवा का कोर्स बीच में छोड़ देना

  • अधिकांश लोग 2 दिन दवा खाकर बुखार या दर्द कम होते ही दवा बंद कर देते हैं।
  • ऐसा करने से कमजोर बैक्टीरिया तो मर जाते हैं, लेकिन मजबूत बैक्टीरिया बच जाते हैं और वे उस दवा के प्रति प्रतिरोधी (Resistant) बन जाते हैं।
  • नियम: डॉक्टर ने जितने दिन का कोर्स लिखा है (3 दिन, 5 दिन या 7 दिन), उसे पूरी तरह समाप्त करें।

3. बची हुई पुरानी दवा या किसी और की दवा खुद खाना

  • जो दवा आपके पड़ोसी या रिश्तेदार को फायदा की थी, ज़रूरी नहीं कि आपकी बीमारी में भी वही काम करे।
  • हर बीमारी और संक्रमण के लिए अलग एंटीबायोटिक होती है।

4. डॉक्टर पर एंटीबायोटिक लिखने का दबाव बनाना

  • कभी भी डॉक्टर से यह न कहें कि "कोई तेज वाली दवा लिख दीजिए"। डॉक्टर को संक्रमण की जांच करके सही दवा तय करने दें।

5. बिना समय का ध्यान रखे दवा लेना

  • एंटीबायोटिक का असर शरीर में एक निश्चित समय तक रहता है (जैसे 8 घंटे या 12 घंटे)।
  • यदि दिन में 2 बार (BD) लिखा है, तो लगभग 12-12 घंटे के अंतराल पर ही दवा लें।

एंटीबायोटिक लेते समय क्या ध्यान रखें?

  • यदि दवा लेने के बाद शरीर पर लाल दाने, खुजली या सांस लेने में भारीपन लगे, तो तुरंत डॉक्टर को बताएं।
  • पेट की गड़बड़ी से बचने के लिए डॉक्टर की सलाह से प्रीबायोटिक / प्रोबायोटिक या दही का सेवन करें।
  • दवा हमेशा पूरे एक गिलास पानी के साथ निगलें।

फार्मेसी का संदेश

हमेशा रजिस्टर्ड डॉक्टर की पर्ची पर ही एंटीबायोटिक खरीदें। हरि कृष्णा फार्मेसी जिम्मेदार दवा वितरण और सुरक्षित स्वास्थ्य के प्रति समर्पित है।

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